Rate this post

Prithviraj Chauhan – पृथ्वीराज चौहान ( 1177-1192 ई. )

Prithviraj Chauhan - पृथ्वीराज चौहान
Prithviraj Chauhan – पृथ्वीराज चौहान
  • पिता का नाम ‘ सोमेश्वर ।
  • माता का नाम – कर्पूरी देवी (दिल्ली के शासक अनगपाल तोमर की पुत्री) 
  • प्रारम्भ में माता कर्पूरी देवी उसकी संरक्षिका बनी, क्यों पृथ्वीराज तृतीय बाल्यावस्था में शासक बने थे। 
  • अपने चचेरे भाई नागार्जुन के विद्रोह का दमन करता हैं। – भंडानको को हराता हैं। 
  • 1182 ई. में तुमुल के युद्ध में महोबा के चन्देल शासक परमारर्दिदेव को हराता हैं। 
  • इस युद्ध में परमार्दिदेव चन्देल के दो सेनानायक आल्हा व ऊदल लड़ते हुए मारे गये थे, जो आज भी वहां के लोकगीतों में गाये जाते हैं। 
  • 1187 ई. में चालुक्य शासक भीन द्वितीय पर आक्रमण करता हैं।  पर दोनों के बीच संधि हो जाती हैं।
  • चौहान ( पृथ्वीराज )  गहड़वाल ( जयचन्द ) वैमनस्यः – दिल्ली के उत्तराधिका के प्रश्न तथा संयोगिता के अपहरण के कारण दोनों में मनमुटाव था। 

तराइन का युद्ध – Battle Of Tarain

तराइन का प्रथम युद्ध – 1191 ई. 

  • पृथ्वीराज चौहान V/s मोहम्मद गौरी 
  • तात्कालिक कारणः मोहम्मद गौरी द्वारा तबरहिन्द (भटिण्डा) पर अधिकार 
  • इसमें पृथ्वीराज का सेनापति चामुण्डराय था।
  • इस युद्ध में पृथ्वीराज चौहान जीतता हैं। 

तराइन का द्वितीय युद्ध – 1192 ई. 

  • इस युद्ध में सेनापति चामुण्डराय भाग नहीं लेता हैं। 
  • पृथ्वीराज इस युद्ध में हार जाता हैं। सिरसा (हरियाणा) के पास बंदी बनाकर मार दिया जाता हैं। 
  • पृथ्वीराज चौहान ने दिल्ली के पास पिथौरागढ़ का निर्माण करवाया। 

– उपाधि –

1. ‘राय पिथौरा’ 

2. दल पुंगल (विश्व विजेता) 

दरबारी ( पृथ्वीराज के दरबार में ) 

  1. चन्दबरदायी (वास्तविक नाम पृथ्वीराज भट्ट)- ‘पृथ्वीराज रासौ’ 
  2. जयानक- ‘पृथ्वीराज विजय’ 
  3. विद्यापति गौड़ 
  4. जनार्द्धन 
  5. वागीश्वर – पृथ्वीराज चौहान ने एक कला व संस्कृति मंत्रालय की स्थापना की तथा इसका मंत्री पद्मनाभ को बनाया ।

कैमास व भुवनमल्ल इसके प्रमुख मंत्री थे। 

मोइनुद्दीन चिश्ती इसी के समय भारत आये थे। 

तराइन के दोनों युद्धो का विस्तृत विवरण कवि चन्द्र बरदाई के पृथ्वीराज रासौ, हसन निजामी के ताजुल 

मासिर एवं मिन्हास उस् सिराज के ‘तबकात – ए – नासिरी’ में मिलता हैं।

Narayan Teli

UnWeb.In पर मौजूद समस्त नोट्स,समाचार,तथ्य एवं संबंधित सामग्री OpenSource माध्यम से ली गयी हैं |

Leave a Reply