Prithviraj Chauhan – पृथ्वीराज चौहान

Prithviraj Chauhan – पृथ्वीराज चौहान ( 1177-1192 ई. ) – गहड़वाल ( जयचन्द ) वैमनस्यः – दिल्ली के उत्तराधिका के प्रश्न तथा संयोगिता के अपहरण के कारण दोनों में मनमुटाव था। 

बीकानेर के राठौड़ वंश का इतिहास – History of Rathores of Bikaner

बीकानेर के राठौड़ वंश का इतिहास – History Of Rathores Of Bikaner :- में बीकानेर क्षेत्र में राठौड़ राज्य की स्थापना की।

राठौड़ वंश का इतिहास – History of Rathore Dynasty

राठौड़ वंश का इतिहास – History Of Rathore Dynasty :-  मारवाड़ के राठौड़ को दक्षिण भारत के राष्ट्रकूट या कन्नौज के राठौड़ो का वंशज बताया जाता हैं।

राव मालदेव राठौड़ – Maldev Rathod

राव मालदेव राठौड़ – Maldev Rathod ( 1531-1564 ई. ) :- जिस समय मालदेव का राजतिलक हुआ। तब उसके पास जोधपुर व पाली (सोजत) दो ही परगने थे। अपने पिता गांगा की हत्या करके शासक बना।

महाराणा प्रताप – Maharana Pratap

मेवाड़ महाराणा प्रताप का इतिहास 1572-1597 ई. :- बचपन का नाम – कीका, हल्दीघाटी का युद्ध ( प्रताप V/s अकबर ), कुम्भलगढ़ का युद्ध, दिवेर का युद्ध

मेवाड़ का इतिहास – History Of Mewar :- Part 2

मेवाड़ का इतिहास – History Of Mewar :- सांगा, विक्रमादित्य, उदयसिंह, महाराणा प्रताप, अमरसिंह, कर्णसिंह, जगतसिंह, राजसिंह, अमरसिंह, संग्रामसिंह द्वितीय, भीमसिंह

महाराणा सांगा का इतिहास – History of Maharana Sanga

महाराणा सांगा ( संग्रामसिंह ) का इतिहास – History Of Maharana Sanga :- खातोली का युद्ध, खानवा का युद्ध, पृथ्वीराज – सांगा का बड़ा भाई, जयमल – सांगा का भाई

महाराणा कुम्भा – Maharana Kumbha

महाराणा कुम्भा – Maharana Kumbha :- कुम्भा की माता का नाम – सौभाग्यवती परमार, रणमल राणा कुम्भा का संरक्षक था। कुम्भा की हत्या उसके बेटे उदा ने कुम्भलगढ़ किले में कर दी थी।

मेवाड़ का इतिहास – History of Mewar :- Part 1

मेवाड़ का इतिहास – History Of Mewar :- बापा रावल, अल्लट, जैत्रसिंह, रतनसिंह, हम्मीर, राणा लाखा, मोकल, मेवाड़ के राजचिन्ह में एक पंक्ति लिखी हुयी हैं।
‘जो दृढ़ राखै धर्म को, तिहि राखै करतार।

राजस्थान का प्राचीन इतिहास – Ancient History of Rajasthan

राजस्थान का प्राचीन इतिहास – Ancient History Of Rajasthan :- सिंधु सभ्यता, महाजनपद काल, मौर्यकाल, गुप्तोत्तर काल, अन्य पुरातात्विक स्थल