मेवाड़ का इतिहास – History of Mewar :- Part 1

मेवाड़ का इतिहास – History Of Mewar :- बापा रावल, अल्लट, जैत्रसिंह, रतनसिंह, हम्मीर, राणा लाखा, मोकल, मेवाड़ के राजचिन्ह में एक पंक्ति लिखी हुयी हैं।
‘जो दृढ़ राखै धर्म को, तिहि राखै करतार।

सिकन्दर का भारत अभियान – Alexander’s India Campaign

सिकन्दर – Sikandar मेसीडोनिया (मकदूनिया) के क्षत्रप फिलिप का पुत्र था।अपने विश्व विजय की योजना के अन्तर्गत सिकन्दर ने भारत पर आक्रमण किया। झेलम तथा चिनाव के मध्यवर्ती प्रदेश के शासक पोरस (पुरु) ने सिकन्दर का प्रतिरोध किया।

मगध साम्राज्य – Magadha Empire

ईसा पूर्व के सोलह महाजनपदों में मगध सर्वाधिक शक्तिशाली महाजनपद था। प्राचीन भारत में साम्राज्यवाद की शुरूआत या विकास का श्रेय मगध को दिया जाता है।

सोलह महाजनपद – Sixteen Mahajanapadas

सोलह महाजनपद – छठी शताब्दी ई. पू. में पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार लोहे के व्यापक स्तर पर प्रयोग होने से बड़े-बड़े प्रादेशिक एवं जनपद राज्यों के निर्माण की परिस्थितियाँ बन गईं।

बौद्ध धर्म – Buddhism ( गौतम बुद्ध )

गौतम बुद्ध ने अपना पहला उपदेश सारनाथ (ऋषिपतनम) में दिया। बुद्ध ने सांसारिक दुःखों के बारे में चार आर्य सतय बताये हैं। ये हैं- दुःख, दुःख समुदय, दुःख निरोध तथा दुःख निरोध गामिनी प्रतिपदा। बौद्ध धर्म अनीश्वरवादी तथा अनात्मवादी है।

वैदिक साहित्य – वेद, आरण्यक, उपनिषद, पुराण, रामायण, महाभारत

वैदिक साहित्य – ऋग्वेद,यजुर्वेद,सामवेद,अथर्ववेद ऋग्वेद वेद का अर्थ ज्ञान से है। इनसे आर्यों के आगमन व बसने का पता चलता है।  ऋग्वेद में 10 मण्डल, 1028 श्लोक (1017 सूक्त तथा 11 वलाखिल्य) तथा लगभग 10,600 मन्त्र हैं।  ऋग्वेद में अग्नि, सूर्य, इन्द्र, वरुण आदि देवताओं की स्मृति में रची गई प्रार्थनाओं का संकलन है। 10वें …

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वैदिक काल – Vedic period ( ऋग्वैदिक, उत्तर वैदिक काल )

ऋग्वैदिक काल Rigvedic Period- इसे 1500 ई. पू.- 1000 ई. पू. माना गया है। उत्तर वैदिक काल Post vedic period- इसे 1000 ई. पू.- 600 ई. पू. माना गया है। मैक्स मूलर ने आर्यों का मूल निवास स्थान मध्य एशिया को माना है।